शारीरिक और मानसिक विश्राम सामान्य भलाई के लिए उतना ही ज़रूरी है जितना कि अच्छा भोजन। ऑफिस के दबाव और सफर की थकान के बीच अपने लिए समय निकालें।
पूरे दिन कंप्यूटर के सामने बैठे रहने (विशेषकर work from home सेटअप में) के बाद, शरीर को हल्की हलचल की आवश्यकता होती है। भारी वर्कआउट ज़रूरी नहीं है; पास के पार्क में या अपनी सोसाइटी के परिसर में 20-30 मिनट की शाम की सैर (evening walk) काफी है।
यह न केवल मांसपेशियों को आराम देती है, बल्कि दिन भर के विचारों को सुलझाने और दिमाग को शांत करने में भी मदद करती है। नज़दीकी किराना स्टोर तक पैदल जाना भी रूटीन में हलचल जोड़ने का एक शानदार तरीका है।
लंबे कार्य दिवसों (long working days) में लगातार स्क्रीन देखने से आंखों और कंधों में थकान हो जाती है। इसे रोकने के लिए 'माइक्रो-ब्रेक' का अभ्यास करें।
हर एक घंटे में 5 मिनट के लिए अपनी कुर्सी से उठें, थोड़ा स्ट्रेच करें, पानी पिएं या बालकनी में जाकर ताज़ी हवा लें। यह छोटा सा बदलाव आपकी ऊर्जा को बनाए रखता है और गर्दन के दर्द को कम करता है।
ऑटो-रिक्शा, बस या मेट्रो के शोर-शराबे और दिनभर की भागदौड़ के बाद, रात का एक शांत रूटीन सेट करना आवश्यक है। अच्छी नींद सामान्य भलाई का आधार है।
सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल या टीवी बंद कर दें। स्क्रीन की नीली रोशनी नींद में बाधा डालती है। इसके बजाय, परिवार के साथ हल्की बातचीत करें, कोई किताब पढ़ें या हल्का संगीत सुनें।
दोपहर के भोजन के बाद तुरंत काम पर लौटने के बजाय, 5-10 मिनट टहलने की कोशिश करें। काम के बीच में सहकर्मियों से बात करने या पानी पीने के बहाने अपनी जगह से उठना एक अच्छा रिदम बनाता है।
बिल्कुल! लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का उपयोग करना, फोन पर बात करते हुए कमरे में टहलना, या घर के छोटे-मोटे काम करना (जैसे सफाई या पौधे लगाना) भी हल्की गतिविधि का हिस्सा हैं।
जहाँ तक संभव हो, हाँ। एक निश्चित समय पर सोने और उठने से शरीर की आंतरिक घड़ी (body clock) सेट हो जाती है। यह आदत नींद की गुणवत्ता में काफी सुधार करती है और आप सुबह तरोताज़ा उठते हैं।